"You never looked so wonderful
as the day you walked away
I used to say love you
but that i could not say
I cant forget you darling
no matter how much i try
you will never know how much it hurt
bcos i m too big to cry
I never stopped to realize
how lonely i would be
I never thought the day would come
when you'd grow tired of me
your voice was never sweeter
than the day you said goodbye
you will never know how much it hurt
bcos i m too big to cry
more and more i miss u these days
I know you would never be mine
the distance seems to be unending
but i thought it would be a mile
the day u said me good bye my earth came crushing by
i had no one to protect as you had already said bye bye
pain has beautifully replaced you
since you have gone away
my life now standstill in middle of Broadway"
This poem is an inspirational work .First few paras are adopted from the poem written by anonymous.Last three para are written by me to give it a complete look.
Saturday, July 9, 2011
Monday, May 30, 2011
New Poem 3
एक काफ्फी की दुकान
था उसमे मैं परेशां
टेबल पर था मोबाइल
मेरे चहरे में न था कोई स्मिले
टेबल पर था मैं बैठा
सोच रहा था मैं क्यों ऐसा
सपनो से बहार क्यों नहीं आता
सपनो में ही क्यों मैं रहता
रहती है कहीं एक लड़की
सोचती बिलकुल मेरे जैसी
लड़ कर जीना चाहती है वोह
फिर भी न जाने क्यों डरती है वोह
था उसमे मैं परेशां
टेबल पर था मोबाइल
मेरे चहरे में न था कोई स्मिले
टेबल पर था मैं बैठा
सोच रहा था मैं क्यों ऐसा
सपनो से बहार क्यों नहीं आता
सपनो में ही क्यों मैं रहता
रहती है कहीं एक लड़की
सोचती बिलकुल मेरे जैसी
लड़ कर जीना चाहती है वोह
फिर भी न जाने क्यों डरती है वोह
Sunday, May 29, 2011
New Poem 2
है एक और ज़िंदगी की ज़रुरत
लगता है कुछ सपने अधूरे रह जायेंगे
हसरतें रह जाएँगी अधूरी
सपने न हो पाएंगे पुरे
इस रफ़्तार भरी ज़िंदगी में
तंग होती जा रही है फुर्सत
कम होने लगे हैं अब आशाएं
ख़तम होती जरी है सब हसरत
लगता है कुछ सपने अधूरे रह जायेंगे
हसरतें रह जाएँगी अधूरी
सपने न हो पाएंगे पुरे
इस रफ़्तार भरी ज़िंदगी में
तंग होती जा रही है फुर्सत
कम होने लगे हैं अब आशाएं
ख़तम होती जरी है सब हसरत
My New poem
दो पैसे की धुप चार आने की बारिश
है बस यह ज़िंदगी
बस इतनी सी है मेरी ख्वाइश
पल में टूटती पल में बिखरती
पल में सदियों का साथ यह देती
यह दो लम्हों की ज़िंदगी
यह मेरी ज़िंदगी
समय का यूँ रोज़ बदलना
उमीदों से रोज़ मिलना
पुराने अख़बारों से लिपटी
हर रोज़ नयी उमीदों की यह ज़िंदगी
कभी तूफ़ान कभी बारिश
कभी आसमान चूमने की ख्वाइश
सितारों पे कदम रखूं
आपनी तोह बस येही ख्वाइश
ज़रूरत एक और ज़िंदगी की
ना इसमें पूरी होगी यह ख्वाइश
ना जाने हम फिर आयें ना आयें
चलो आभी कदम उठाएं
तमन्ना पूरी करनी है
साथ हम सब कदम उठाएं
है बस यह ज़िंदगी
बस इतनी सी है मेरी ख्वाइश
पल में टूटती पल में बिखरती
पल में सदियों का साथ यह देती
यह दो लम्हों की ज़िंदगी
यह मेरी ज़िंदगी
समय का यूँ रोज़ बदलना
उमीदों से रोज़ मिलना
पुराने अख़बारों से लिपटी
हर रोज़ नयी उमीदों की यह ज़िंदगी
कभी तूफ़ान कभी बारिश
कभी आसमान चूमने की ख्वाइश
सितारों पे कदम रखूं
आपनी तोह बस येही ख्वाइश
ज़रूरत एक और ज़िंदगी की
ना इसमें पूरी होगी यह ख्वाइश
ना जाने हम फिर आयें ना आयें
चलो आभी कदम उठाएं
तमन्ना पूरी करनी है
साथ हम सब कदम उठाएं
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